जयपुर कल्चरल सोसायटी द्वारा प्रस्तुत “रिमझिम के तराने (अहसास-2)” रविवार शाम को जवाहर कला केन्द्र के रंगायन में संपन्न हुआ।
जयपुर के 44 गायक- गायिकाओं ने बरसात की फुहारों का युगल तरानों से संगीतमय स्वागत करते हुए JCS के संस्थापक स्व. डॉ. आनंद के गंगवार को श्रद्धा सुमन अर्पित किये, जिनका लगाया हुआ पौधा पिछले लगभग 40 सालों से संगीत और रंगमंच के क्षेत्र में लहलहा रहा है। कलाकारों ने जहाँ एक और “मेघा रे मेघा रे” पुकार कर “रिम झिम के गीत सावन गाये” से स्वागत किया वहीं “ये रात भीगी भीगी” का आनंद लेते हुये “वो काग़ज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी” से श्रोताओं को बचपन की यादों में पहुँचा दिया। “ये रातें ये मौसम” और “क्या मौसम आया है” की ख़ुशी के साथ “हाय हाय ये मजबूरी” का भी मधुर बयान किया।

JCS अध्यक्ष श्रीमती कंचन आनंद ने अपने निर्देशक साथियों सुधीर शर्मा, समीर सैन, मुकेश पारीक के साथ इस सुरमई संध्या को प्रस्तुत किया जिसमें प्रख्यात गायिका भारती शर्मा ने अपने मंच संचालन से चार चाँद लगा दिये। कार्यक्रम के गणमान्य अतिथियों – वरिष्ठ नृत्य गुरू और अभिनेत्री श्री मती उषा श्री, सामाजिक कार्यकर्त्री श्रीमती ममता शर्मा, राजस्थान देवस्थान बोर्ड के सदस्य श्री बसंत जैन, समाजसेवी व उद्यमी श्री राधेश्याम गुप्ता, श्री सुनील नाटाणी व श्री घनश्याम मूलानी ने कार्यक्रम को सुशोभित किया और सभी कलाकारों का उत्साह वर्धन किया।

व्यवस्थापकगण के साथ साथ सुरेखा मित्तल, शुभा शर्मा, कोंपल माथुर, स्वीटी मक्कड़, रेखा रावत, रजनी कोठारी, प्रीति पुरोहित, नेहा छीपा, सीमा मुंजाल, संध्या सक्सेना, मौसमी भारती, अंजू सुखीजा, उर्मिला न्याती, प्रियंका शर्मा, शिल्पी चौरसिया, ममता वर्मा, नीलू कावंट, पूनम जैन सीमा शाह, वीनू मित्तल, वन्दना जैमिनी, एस डी माथुर, अतुल माथुर, हितेश राव, अम्बे माथुर, संजय चंदानी, प्रेम भारती, अजॉय कल्ला, आशीष कल्ला, सुनील शर्मा, विनीत उपाध्याय, राजीव पारीक, डॉ. लोकेश, रविंद्र शर्मा, कपिल पुरोहित, पुनीत गुप्ता, जे पी रामावत, सूर्या धूत, हेमंत गुप्ता, राजेंद्र गर्ग ने अपने गीतों की फुहारें बिखेरी।

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