महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को घोषणा की कि करोना महिमारी के दौरान त्योहारों पर लगाए गए प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। आगामी गणेश चतुर्थी, दही हांडी और अन्य धार्मिक आयोजनों पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि जब जुलूस निकाला जाएगा तो  मुहर्रम मनाने पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा।

31 अगस्त से शुरू होगी दस दिवसीय गणेशोत्सव

पत्रकारों से बात करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि महामारी के दौरान शुरू किए गए धार्मिक त्योहारों पर लगे सभी प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। लोगों को ऐसे त्योहारों का सकारात्मक रवैये के साथ स्वागत करने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंडालों और अन्य चीजों के लिए अनुमति प्राप्त करने में राज्य भर के गणेश मंडलों की सुविधा के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टर आफ पेरिस (पीओपी) से बनी गणेश मूर्तियों का समाधान खोजने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। यह कुछ पर्यावरण के अनुकूल समाधान लेकर आएगी। 10 दिवसीय गणेश उत्सव इस साल 31 अगस्त से शुरू होगा।

कोरोना महामारी के दौरान लगे थे प्रतिबंध

गौरतलब है कि मार्च, 2020 में महामारी फैलने के बाद महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार, जो उस समय उध्दव ठाकरे के नेतृत्व में थी, ने त्योहारों पर कई प्रतिबंध लगाए थे, जिसमें गणेशोत्सव के दौरान जुलूसों पर प्रतिबंध भी शामिल था। सार्वजनिक (सामुदायिक) मंडलों द्वारा स्थापित  भगवान गणेश की मूर्तियों की ऊंचाई के साथ-साथ घरेलू स्तर पर भी प्रतिबंध थे। संक्रमण की व्यापकता के कारण पिछले दो वर्षों में गणेश उत्सव और अन्य धार्मिक आयोजन फीके रहे।

गौरतलब है कि  शिव सेना के एकनाथ शिंदे गुट ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पार्टी का चुनाव चिह्न धनुष-बाण उन्हें आवंटित करने की मांग की है।आयोग को लिखे पत्र में शिंदे गुट ने असली शिवसेना होने का दावा किया है और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला व महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर द्वारा उन्हें प्रदान की गई मान्यता का हवाला दिया है। महाराष्ट्र में शिवसेना के 55 विधायकों में से 40 विधायकों ने एकनाथ शिंदे को समर्थन देने की घोषणा की थी। 

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