PM मोदी करेंगे ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन

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पीएम मोदी गुरुवार को इंडिया गेट पर ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन करेंगे। साथ ही इस अवसर पर वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट से बनी प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी 8 सितंबर को शाम 7 बजे ‘कर्तव्य पथ’ का उद्घाटन करेंगे।औपनिवेशिक काल के प्रतीक तत्कालीन राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ करना जन प्रभुत्व और सशक्तिकरण का एक उदाहरण है।

  • नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने का प्रस्ताव पारित किया 

केंद्रीय मंत्री और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की पदेन सदस्य मीनाक्षी लेखी ने कहा है कि राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ कर दिया गया है। नई दिल्ली नगर पालिका परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने कहा कि परिषद ने राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्यपथ करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया। उन्होंने कहा कि भारत आजादी के 75 साल पूरे कर रहा है, ऐसे में औपनिवेशिक परंपरा को त्याग कर और अमृत काल में अपनी ही विरासत के साथ आजादी के 100 वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ना उचित है। उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय पर सभी नागरिकों को बधाई दी।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी अनावरण

पीएम मोदी इस अवसर पर इंडिया गेट पर ग्रेनाइट से बनी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे। यह कदम प्रधानमंत्री के ‘पंच प्रण’ में से एक की तर्ज पर है यानि ‘औपनिवेशिक मानसिकता का कोई भी निशान हो उसे मिटाया जाए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा उसी स्थान पर स्थापित की जा रही है, जहां इस साल की शुरुआत में पराक्रम दिवस (23 जनवरी) के अवसर पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया गया था। ग्रेनाइट से बनी यह प्रतिमा हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अपार योगदान के लिए उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, और देश के उनके प्रति ऋणी होने का प्रतीक होगी। तैयार की गई 28 फुट ऊंची प्रतिमा को एक ग्रेनाइट पत्थर से बनाया गया है इसका वजन 65 मीट्रिक टन है।

भीड़ का दबाव देख किया गया पुनर्विकास  

सरकार के अनुसार वर्षों से, राजपथ और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के आसपास के इलाकों में आगंतुकों की बढ़ती भीड़ का दबाव देखा जा रहा था, जिससे इसके बुनियादी ढांचे पर दबाव पड़ रहा था। इसमें सार्वजनिक शौचालय, पीने के पानी, स्ट्रीट फर्नीचर और पार्किंग स्थल की पर्याप्त व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। साथ ही, गणतंत्र दिवस परेड और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान कम गड़बड़ी और जनता की आवाजाही पर कम से कम प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता महसूस की गई। इन चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुनर्विकास किया गया जबकि वास्तु शिल्प का चरित्र बनाये रखने और अखंडता भी सुनिश्चित की।

 बेहतर सार्वजनिक सुविधाओं से होगा लैस

कर्तव्य पथ बेहतर सार्वजनिक स्थानों और सुविधाओं को प्रदर्शित करेगा, जिसमें पैदल रास्ते के साथ लॉन, हरे भरे स्थान, नवीनीकृत नहरें, मार्गों के पास लगे बेहतर बोर्ड, नई सुख-सुविधाओं वाले ब्लॉक और बिक्री स्टॉल होंगे। इसके अलावा इसमें पैदल यात्रियों के लिए नए अंडरपास, बेहतर पार्किंग स्थल, नए प्रदर्शनी पैनल और रात्रि के समय जलने वाली आधुनिक लाइटों से लोगों को बेहतर अनुभव होगा। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, भारी वर्षा के कारण एकत्र जल का प्रबंधन, उपयोग किए गए पानी का पुनर्चक्रण, वर्षा जल संचयन और ऊर्जा कुशल प्रकाश व्यवस्था जैसी अनेक दीर्घकालिक सुविधाएं शामिल

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