प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण की रक्षा के लिए जीवनशैली में बदलाव का आह्वान किया है। गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में मिशन लाइफ के वैश्विक शुभारंभ के बाद अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि जीवनशैली में बदलाव से जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सकता है।जलवायु परिवर्तन के खतरे से निपटने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री मोदी ने कहा कि हजारों वर्षों से कम उपयोग, पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण और चक्रीय अर्थव्यवस्था, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत, पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विकास का सबसे अच्छा उदाहरण है। महात्मा गांधी की संरक्षण की अवधारणा को याद करते हुए श्री मोदी ने कहा कि मिशन लाइफ हमे पर्यावरण का संरक्षक बनने के लिए प्रोत्साहित करता है।प्रधानमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल नीति-से जुडा मुद्दा नहीं है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। श्री मोदी ने कहा कि मिशन लाइफ ग्रह हितैषी लोगों की अवधारणा को मजबूत करता है। उन्होंने अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गुजरात सरकार के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कई अन्य पहलों की भी चर्चा की।संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरस ने इस अवसर पर विकसित देशों से अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को निभाने और भारत जैसे देशों को सार्थक वित्तीय तथा तकनीकी सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने पृथ्वी की रक्षा के लिए समाधान खोजने में व्यक्तियों और समुदायों की भागीदारी पर जोर दिया।प्रधानमंत्री ने केवड़िया में मिशन प्रमुखों के सम्मेलन में भी भाग लिया। उनका आज दक्षिण गुजरात के तापी जिले के व्यारा में एक हजार 970 करोड़ रुपये की लागत की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने का भी कार्यक्रम है।

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