अयोध्या के दीपोत्सव की बढ़ रही भव्यता, पहली बार शामिल होंगे पीएम मोदी

October 21, 2022

दीपावली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है वैसे-वैसे लोगों में इसका उत्साह और अधिक बढ़ता जा रहा है। दीयों से सुसज्जित इस त्योहार को मनाने के लिए दीपावली की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश में अयोध्या का दौरा करेंगे। दीपोत्सव 2022 के मुख्य अतिथि के रूप में आ रहे पीएम मोदी रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला का दर्शन करने के साथ उस ऐतिहासिक मंदिर के निर्माण का भी अवलोकन करेंगे। शाम लगभग 5:45 बजे प्रधानमंत्री प्रतीकात्मक भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। शाम लगभग 6:30 बजे, पीएम मोदी सरयू नदी के न्यू घाट पर आरती देखेंगे। इसके बाद पीएम मोदी भव्य दीपोत्सव समारोह की शुरुआत करेंगे।

पहली बार दीपोत्सव में शामिल हो रहे पीएम मोदी

इस वर्ष, दीपोत्सव का छठा संस्करण आयोजित किया जा रहा है और यह पहली बार है जब पीएम मोदी इस समारोह में व्यक्तिगत रूप से भाग लेंगे। इस अवसर पर 15 लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। दीपोत्सव के दौरान विभिन्न राज्यों के विभिन्न नृत्य रूपों के साथ पांच एनिमेटेड झांकियां और ग्यारह रामलीला झांकियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। प्रधानमंत्री भव्य म्यूजिकल लेजर शो के साथ-साथ सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में 3-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी देखेंगे।

क्या है पूरा कार्यक्रम ?

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक प्रधानमंत्री शाम करीब 5:45 बजे प्रतीकात्मक भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक करेंगे। लगभग 6:30 बजे प्रधानमंत्री सरयू नदी के नया घाट पर आरती में भी शामिल होंगे। इसके बाद पीएम मोदी भव्य दीपोत्सव समारोह की शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर 15 लाख से अधिक दीये जलाए जाएंगे। दीपोत्सव के दौरान विभिन्न राज्यों के विभिन्न नृत्य रूपों के साथ पांच एनिमेटेड झांकियां और 11 रामलीला झांकियां भी लगाई जाएंगी। प्रधानमंत्री ग्रैंड म्यूजिकल लेजर शो के साथ-साथ सरयू नदी के तट पर राम की पैड़ी में थ्री-डी होलोग्राफिक प्रोजेक्शन मैपिंग शो भी देखेंगे।

21 अक्टूबर से बिछाए जाएंगे दीपक

डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दीपक बिछाने का काम 21 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा और इसमें तेल डालने का काम 22 तारीख से शुरू होगा। 23 तारीख की शाम को केवल दीपकों को जलाने का काम बचेगा। सुरक्षा संबंधी भी सारी तैयारियां कर ली गई हैं और इसके लिए जो वालंटियर्स हैं, उनके लिए ब्रीफिंग रखी गई है।

2017 में हुई थी दीपोत्सव की शुरुआत

बता दें कि 2017 में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत से भाजपा की सरकार बनने और योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद अयोध्या में दीपोत्सव की शुरुआत की गई थी। पहले साल 51 हजार दीये जलाए गए थे। तबसे हर साल दीयों की संख्घ्या बढ़ती जा रही है। 2018 में 3,01152 दीये जलाए गए। 2019 में इस दीपोत्सव कार्यक्रम को प्रांतीय स्तर का मेला घोषित किया गया। 2019 में 5,50,000 दीप जलाए गए। 2020 में 6,06,569 दीप जलाए गए और 2021 में 9,41,551 दीये जलाए। अब 2022 में 10.50 लाख दीये जलाकर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा।

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