ब्रिटेन में, पूर्व वित्‍त मंत्री ऋषि सुनक भारतीय मूल के ब्रिटेन के पहले प्रधानमंत्री होंगे। उन्‍हें कंजरवेटिव पार्टी के नेता के रूप में चुन लिया गया है।  42 वर्षीय श्री सुनक सौ से अधिक वर्षों में ब्रिटेन में सबसे कम आयु के प्रधानमंत्री बनेंगे। किंग चार्ल्‍स आज उन्‍हें प्रधानमंत्री नियुक्‍त करेंगे।

श्री सुनक ने कल कहा था कि देश को स्थिरता और एकता की आवश्‍यकता है तथा वे अपनी पार्टी और देश को एक साथ लाने का संकल्‍प लेते हैं। निवर्तमान प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने मात्र छह सप्‍ताह के बाद ही बृहस्‍पतिवार को इस्‍तीफा दे दिया। कई महीनों के घोटालों और बाजार में उथल-पुथल के कारण श्रीमती ट्रस के इस्‍तीफे के बाद दूसरी बार नए प्रधानमंत्री की दौड शुरू हो गई थी। सितम्‍बर में बोरिस जॉनसन के प्रधानमंत्री के पद से हटने के बाद पार्टी के नेता के रूप में ट्रस ने सुनक को हरा दिया था।
श्री सुनक को ब्रिटेन के सबसे धनी राजनेता के रूप में माना जाता है। वे भारतीय मूल के एक डॉक्‍टर और फार्मासिस्‍ट के पुत्र हैं और उनका जन्‍म हैंपशायर के सॉउथम्‍पटन में हुआ था। उन्‍होंने ब्रिटेन के शीर्ष बोर्डिंग स्‍कूल में शिक्षा ली थी। राजनीति में आने से पहले उन्‍होंने ऑक्‍सफॉर्ड विश्‍वविद्यालय और अमरीका के स्‍टेनफोर्ड विश्‍वविद्यालय में अध्‍ययन किया था तथा एक प्राइवेट कंपनी में कुछ समय तक कार्य किया था।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने ब्रिटेन का प्रधानमंत्री निर्वाचित होने पर ऋषि सुनक को बधाई दी है। एक ट्वीट में श्री मोदी ने कहा कि वे वैश्विक मुद्दों और रोडमैप 2030 लागू करने के लिए मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। श्री मोदी ने दोनों देशों के मध्‍य सेतु का काम कर रहे ब्रिटिश भारतीयों को दिवाली की शुभकामनाएं भी दी। भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक संबंध अब आधुनिक साझेदारी में बदल रहे हैं।

जानिए कौन हैं ऋषि सुनक, भारत से उनका क्या है संबंध ?

ब्रिटेन की राजनीति लगातार कुछ महीनों से सुर्खियों में बनी हुई है। पहले बोरिस जॉनसन का पीएम पद से इस्तीफा देना और उसके बाद लंबे समय तक नए प्रधानमंत्री के लिए चुनावी प्रक्रिया दौर चलना, फिर लिज ट्रस का प्रधानमंत्री बनना और पीएम बनने के महज 45 दिन बाद उनका इस्तीफा दे देना जैसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम ब्रिटेन की राजनीति में कुछ महीनों से लगातार जारी है। लेकिन अब ब्रिटेन की सियासत ने नया मोड़ लिया है, इतिहास में पहली बार भारतीय मूल के ऋषि सुनक को वहां का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। आइए जानते हैं ऋषि सुनक कौन हैं? क्या है इनकी कहानी।ऋषि सुनक का परिचयऋषि सुनक का जन्म 12 मई 1980 को ब्रिटेन के साउथेम्प्टन में हुआ था। उनका परिवार मूल रूप से ब्रिटिश इंडिया के पंजाब प्रांत में रहता था और वे भारतीय पंजाबी हिंदू हैं। उनकी मां उषा सुनक फार्मसिस्ट थी और पिता यशवीर सुनक एक जनरल चिकित्सक थे। वो अपने परिवार में तीन भाई बहनों में से सबसे बड़े हैं। यशवंत सुनक जो कि ऋषि सुनक के पिता है उनका जन्म केन्या में हुआ था वहीं उनकी मां उषा तंजानिया में जन्मी थी। हालांकि सुनक अपने आप को भारत से जोड़कर देखते हैं क्योंकि उनके दादा भारतीय थे। इसलिए वो अपने आपको भारतीय मूल का ही बताते हैं। ऋषि सुनक के भाई संजय एक मनोवैज्ञानिक हैं, साथ ही उनकी बहन राखी विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय में शांति निर्माण और संयुक्त राष्ट्र के लिए काम करती हैं।प्रारंभिक एवं उच्च शिक्षाऋषि सुनक ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा विनचेस्टर कॉलेज हेंपशायर, इंग्लैंड से पूरी की। यह कॉलेज एक बोर्डिंग स्कूल है। इसके बाद उन्होंने आगे की शिक्षा लिंकन कॉलेज ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से की। ऑक्सफोर्ड में उन्होंने फिलॉसफी, राजनीति और अर्थशास्त्र का अध्ययन किया। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कंजर्वेटिव कैम्पेन मुख्यालय में इंटर्नशिप भी की। 2006 में उन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री हासिल की।भारत से ऋषि सुनक का संबंधऋषि सुनक जब अपनी पढ़ाई स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में कर रहे थे इसी दौरान उनकी मुलाकात भविष्य में पत्नी बनी अक्षता मूर्ति से होती है। अक्षता और ऋषि दोनों स्टैनफोर्ड में MBA की पढ़ाई कर रहे थे। आपको मालूम होगा अक्षता मूर्ति भारतीय अरबपति एनआर नारायण मूर्ति की बेटी हैं। पत्नी भारतीय मूल के होने के साथ-साथ ऋषि सुनक के दादा-दादी भी भारतीय रहे हैं इस वजह से कहा जाता है ऋषि का संबंध भारत से गहरा है। सांसद बनकर जब ऋषि सुनक पार्लियामेंट पहुंचे थे तो उन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी। ऋषि सुनक और उनकी पत्नी की दो बेटियां हैं वे नॉर्थ यॉर्कशायर के नॉर्थहेलर्टन के पास रहते हैं।ऋषि सुनक का राजनीतिक सफरऋषि सुनक अपने जीवन के प्रारंभिक दिनों में पढ़ाई खत्म करने के बाद नौकरी और फिर बिजनेस से जुड़े थे। उन्होंने पहली बार साल 2014 में ब्रिटेन की संसद में कदम रखा। अक्टूबर 2014 में रिचमंड संसदीय क्षेत्र से सुनक कंजरवेटिव पार्टी के उम्मीदवार थे जहां से उन्हें जीत हासिल हुई। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने 2015 से लेकर 2017 तक ब्रिटेन के पर्यावरण, खाघ और ग्रामीण मामलों की चयन समिति में काम किया। इसके बाद साल 2017 में ऋषि सुनक को भारी वोट मिले। जिसके बाद वो एक बार फिर सांसद के रूप में चुने गए। 24 जुलाई 2019 में उनके बेहतरीन कार्यशैली को देखकर ब्रिटेन के तत्कालीन पीएम बोरिस जॉनसन ने उन्हें ट्रेजरी के मुख्य सचिव के रूप में नियुक्त किया।जाहिर है ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री चुने जाने के साथ ही यह कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत का ब्रिटेन के साथ राजनीतिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे। दोनों देश फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, समुद्री सुरक्षा, रिन्यूएबल एनर्जी, क्लाइमेट चेंज जैसे विभिन्न मुद्दों पर सार्थक दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

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